निबंध - खेल का महत्त्व | स्वच्छ भारत अभियान | BIHAR BOARD 2020 |
खेल का महत्त्व
मनुष्य जीवन एक सौ वर्षों के लिए है। वही मनुष्य सौ वर्ष जी सकता है, जो अपने शरीर को स्वस्थ रखता है। स्वास्थ्य ही धन है (Health is Wealth)। जो अपना स्वास्थ्य सुंदर, आकर्षक, गठीला और निरोग रखता है वही सौ वर्षों कह आयु प्राप्त करता है। वही धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष की प्राप्ति करता है । स्वस्थ रहने के लिए व्यायाम और खेलकूद जरूरी है। जो खेलता-कूदता है, उसका शरीर स्वस्थ हो जाता है । उसे बीमारी नहीं होती है। कभी-कभी तो वह खेलकूद से भी पर्याप्त धन एवं मान कमा लेता है। खेलकूद मानव जीवन के लिए आवश्यक है। स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन बसता है। स्वस्थ मन से ही मनुष्य संसार के तनाव झेल पाता है। खेलकूद व्यवहार में सामंजस्य लाते खेलकूद हार में दुखी और जीत ज्यादा खुशी नहीं होने देतें। ऐसा सबके साथ हाता ही रहता है।
खेलकूद जीवन का उन्नयन करते है। हम अनुशासन सीखते हैं। जीत की भावना प्रबल होती है। खेल खेलने वाले का जीवन स्तर ऊँचा होता है। परिश्रम से तब हम जी नहीं चुराते। श्रम एवं जीत का महत्व जीवन में हम सीखते हैं।
खेल हमें मिलजुल कर रहना और खेलना सीखाते हैं। क्रिकेट हो या फुटबाल, बॉलीबाल हो या बैडमिण्टन सभी मिलजुल कर खेले जाते हैं। कबड्डी और खो-खो खेल भी अब प्रसिद्धि पा रहे हैं। टेनिस और टेबुल टेनिस भी परिश्रम की अपेक्षा रखते हैं। खिलाड़ियों को अब सरकारी नौकरियाँ भी मिल रही हैं । वे विभिन्न संस्थाओं में जाकर नाम कमाते हैं। शिक्षण संस्थाओं में भी खेल शिक्षक एवं योग शिक्षक पाए जाते हैं। वे छात्रों को खेल सिखला कर स्वस्थ बनाते हैं। मनुष्य जीवन में खेल महत्त्व दिनानुदिन बढ़ता जा रहा है ।
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